योगासन (Part-2) सुखासन से मन को होता है असीम शांति का अनुभव | Mix Pitara

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सुखासन का शाब्दिक अर्थ है सुख देने वाला आसन, यह आसन बहुत ही आसान है. जैसा की नाम से इंगित हो रहा है कि बैठकर किये जानेवाले योग में सुखासन सबसे आसान योग है. सुखासन का शाब्दिक अर्थ ही है सुख देनेवाला आसन यानि इस आसन को करने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से आपको सुख और शांति का अनुभव होता है. सुखासन को आराम से बैठकर किया जाता है, इसलिए इसे बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी कर सकते हैं. आइये आपको बताते हैं कि किस तरह आप इस आसान योगासन को रोजाना अपने घर पर ही कर सकते हैं. इस आसन से ये लाभ हो सकते हैं.

सुखासन से मानसिक सुख और शांति का अनुभव होता है. ये चिंता, अवसाद और क्रोध को दूर करता है. ये आसन मन की चंचलता को कम करता है और चित्त को शांत करता है. सुखासन से रीढ़ की हड्डियों में होने वाले रोगों से राहत मिलती है. ये आसन पूरे शरीर में रक्त संचार बढ़ा देता है. सुखासन से स्मृति अच्छी होती है और एकाग्रता बढ़ती है. सुखासन से मानसिक रोगों का खतरा भी बहुत कम हो जाता है.

यहां ये जानना जरुरी है कि ये आसन सबके लिए लाभप्रद नहीं है. इससे कुछ लोगों को परेशानियां भी हो सकती हैं. अगर आपको घुटनों में दर्द की समस्या है, तो आपको इस आसन को नहीं करना चाहिए या किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही करना चाहिए वर्ना घुटनों में सूजन की समस्या हो सकती है और दर्द बढ़ सकता है. इसके अलावा ध्यान दें कि अगर आपको रीढ़ में किसी तरह की पुरानी चोट है तो इस आसन में ज्यादा देर न बैठें और किसी दीवार का सहारा लेकर भी इस योगासन को कर सकते हैं.

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