गर्भावस्था में मितली से राहत पाने के उपाय

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यदि आप गर्भधारण कर चुकी हैं तो, शुरुआती दिनों में जी मचलना या उल्टी आना सामान्य बात है. आइये जानते हैं ऐसे समय में मितली या उल्टी से राहत पाने के लिए कौन से उपाय कारगर हो सकते हैं..

डॉक्टर्स की माने तो गर्भवती महिला का पेट खाली होना मितली की सबसे बड़ी समस्या है. यही वजह है कि रात में 8 या 10 घंटे की नींद के बाद महिलाएं अक्सर सुबह के समय मिचली या उबकाई महसूस करती हैं. इसलिए सुबह बिस्तर से खाली पेट न उठें, बल्कि बिस्तर पर लेटे हुए ही सूखे टोस्ट, बिस्किट या रस्क जैसे हल्का कुछ खाएं जो आसानी से पच सके. इनके सेवन के बाद ही बिस्तर से उठें.

एक साथ ज्यादा भोजन या नाश्ता ना करें. समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा कुछ-न-कुछ खाते रहें, इससे आपको अचानक बेचैनी या उल्टी महसूस नहीं होगा. हमेशा हल्की-फुल्की चीजें अपने साथ रखें. प्रोटीन से भरपूर और विटामिन बी से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें. इसके लिए आप सूखे मेवे का भी सेवन कर सकती हैं.

अगर आपको खाना पकाने की गंध से मितली महसूस हो तो ऐसे में ठंडे भोजन आपको राहत देंगे. सैंडविच और सलाद के अलावा आप पत्तेदार, मकई, गाजर, मटर और बीन्स जैसी सब्जियों से बने सलाद का भी सेवन कर सकती हैं. केले, सेब, अंगूर और संतरे का जैसे फलों का पौष्टिक सलाद भी बना सकती हैं. गर्भावस्था के दौरान जलनियोजित रहना जरुरी है, इसलिए दिन में कम से कम आठ से 12 गिलास पानी पीएं. गर्भावस्था के लिए जितना ज्यादा हो सके सेहतमंद पेय पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें. तनाव और थकान गर्भावस्था के दौरान मिचली को और बदत्तर बना सकती है.

कटे हुए नींबू की गंध मिचली से राहत में मदद कर सकती है. आप अपने पानी में नींबू की फांकें डाल सकती हैं या फिर ताजगी देने वाला नींबू पानी भी बना सकती हैं. अदरक की चाय भी मिचली से आराम और पाचन में सुधार के लिए लाभकारी है, बशर्ते इसका इस्तेमाल कम मात्रा में किया जाए. आप अदरक के रस की कुछ बूंदे नींबू पानी में भी डाल सकती हैं.

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