Postpartum Depression: प्रेगनेंसी के बाद डिप्रेशन से कैसे बचें..?

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प्रसव के बाद महिलाओं के व्यवहार में उदासी, तनाव, चिड़चिड़ाहट और गुस्से जैसे बदलाव आते हैं. ऐसे में उन्हें पारिवारिक सहयोग और इलाज की जरूरत होती है. ये समस्या करीब 20 से 70 प्रतिशत महिलाओं में होती है. शुरुआती स्तर पर इसे पोस्टपार्टम ब्लूज़ कहते हैं.इसके लक्षण बहुत सामान्य होते हैं. जैसे मूड स्विंग, उदासी, चिड़चिड़ापन, रोने की इच्छा होना और बच्चे को संभाल पाऊंगी या नहीं इसकी चिंता होना.व्यवहार में आया ये बदलाव कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है. इसके लिए दवाइयों की जरूरत नहीं होती. लेकिन, अगर लक्षण बढ़ जाएं तो इलाज जरूरी हो जाता है.बीमारी बढ़ने पर नींद नहीं आती, भूख नहीं लगती, मरीज़ अपने आप में गुम रहता है और उसे आत्महत्या के ख्याल आते हैं. ये बीमारी का अगला स्तर है और इसे पोस्टपार्टम डिप्रेशन कहते हैं.

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