पीरियड्स के दौरान चिड़चिड़ापन से कैसे पाएं काबू..?

0
102
मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं को हर महीने होनेवाली एक आम समस्या है. इस दौरान महिलाएं काफी कष्‍ट और मानसिक तनाव से गुजरती है. इसका मुख्‍य कारण है – हार्मोनल परिवर्तन..! कुछ महिलाओं के लिए यह सामान्य होता है, लेकिन कई महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियां झेलनी होती है. पेट व पैर दर्द, जी मचलाना, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, अवसाद, पेट फूलना, थकान और मूड स्विंग जैसी परेशानियां होना काफी सामान्‍य है. ऐसे में महिलाएं सिर्फ आराम करना ही ज्यादा बेहतर समझती हैं. लेकिन ऐसे वक्त में पति की जिम्मेदारी होती है कि इस दौरान पत्नि को मानसिक सहयोग दें. हर पुरूष कि जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह पीरियड के दिनों में पत्नि को ज़्यादा से ज़्यादा खुश रखें और मानसिक परेशानियों से दूर रखें. ताकि महिलाएं ऐसे दिनों में भी सामान्य रह सकें.

पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग होना महिलाओं की सबसे आम समस्या है. इस वजह से वे घर-परिवार के कामों में ठीक रूचि नहीं ले पाती है. किसी भी बात पर वे झल्लाने लगती हैं. वे अपने चारों तरफ शांत एवं सुकूनभरा माहौल चाहती है. लेकिन घर और बाहर की कई जिम्‍मेदारियां उनके व्‍यवहार को और भी अधिक प्रभावित करती हैं. विशेषज्ञों की मानें तो पीरियड्स में मूड स्विंग की समस्या एक सामान्य बात है. कम उम्र की लड़कियों में पीरियड्स में ज्यादा समस्या होती है. नियमित दिनचर्या में बदलाव के कारण ऐसा होता है. इसकी कोई दवा नहीं होती है केवल खुद के प्रयास से ही इससे बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कि किस तरह महिलाएं पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग पर कंट्रोल करें…

– पीरियड्स के दौरान ब्लड शुगर लेवल के ऊपर-नीचे होने से चिड़चिड़ापन होता है और कुछ खाने का मन नहीं करता. ऐसे में महिलाएं वही खाएं जो उन्हें पसंद हो. एक साथ खाने के बजाय, थोड़ा-थोड़ा कई बार में खाने की कोशिश करें.
– पीरियड्स में हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं का मूड स्विंग होता रहता है. या तो वे बहुत ज्यादा गुस्से में होंगी या एकदम शांत.. ऐसे में हलकी एक्सरसाइज और योगा उनके दिमाग को शांत रखने में मददगार साबित हो सकता है.
– मूड स्विंग से बचने के लिए रात में कम-से-कम 8 घंटों की पूरी नींद जरूर लें. नींद पूरी होने से दिमाग शांत और चिड़चिड़ापन कम महसूस होगा. सामान्य दिनों में भी कम-से-कम 8 घंटों की नींद लेना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.
– पीरियड्स में चाय, कॉफी या अल्कोहल के सेवन से सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम उत्तेजित हो जाता है, जो नर्वस सिस्टम को बढ़ा देते हैं. इसलिए ज़रूरी है ऐसी चीजों से दूर बनाकर रखें, क्योंकि इससे एड्रेनिल होर्मोन का स्त्राव होता है.


 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here